विकास दुबे के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं. सवाल उस टीयूवी 300 गाड़ी को लेकर भी हो रहे हैं जिसमें विकास दुबे सवार था
कानपुर शूटआउट का मुख्य आरोपी विकास दुबे शुक्रवार सुबह एनकाउंटर में मार गिराया गया. उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने इसे अंजाम दिया. इस मुठभेड़ के साथ कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं. सवाल उस टीयूवी 300 गाड़ी को लेकर भी हो रहे हैं जिसमें विकास दुबे सवार था. हादसे का शिकार हुई यूपी एसटीएफ के काफिल की ये गाड़ी आखिर कैसे पलटी. स्पीड में चल रही गाड़ी अगर फिसलती है तो सड़क पर उसके टायरों के निशान पड़ जाते हैं, लेकिन यहां पर वो भी नहीं था. और न ही गाड़ी के शीशों को नुकसान पहुंचा है.
उज्जैन से कानपुर तक के सफर के दौरान विकास दुबे की गाड़ी दो बार बदली गई. पहली बार तब जब विकास दुबे मध्य प्रदेश से यूपी की सीमा में दाखिल हुआ. तब तक वो एमपी पुलिस की इनोवा कार में बैठा था. यूपी की सीमा में दाखिल होते ही उसे इनोवा से उतार कर सफेद टाटा सफारी गाड़ी में बिठा दिया गया, लेकिन इसके बाद फिर उसकी गाड़ी बदली गई. इस बार ठीक एनकाउंटर से पहले.
उज्जैन से जब एसटीएफ का काफिला चला था तब चार गाड़ियां थीं. चौथी गाड़ी इनोवा थी. इनोवा एमपी पुलिस की थी जो यूपी बॉर्डर से वापस लौट गई थी.
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