सोमवार, 29 जून 2020

चीन मुस्लिमों की आबादी पर रोक लगाने के लिए हुआ उठा रहा कड़ा कदम, नहीं मानने पर दे रहा है कड़ी सजा

चीन की सरकार देश में मुस्लिम आबादी पर अंकुश लगाने के लिए बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। उसने देश में मुसलमानों की आबादी पर नियंत्रण लगाने के लिए बड़े पैमाने पर एक अभियान चलाया है जिसके तहत वह देश के ‘हान’ बहुसंख्यकों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। जबकि उइगर व अन्य अल्पसंख्यकों में जन्म दर घटाने के लिए सख्त कदम उठा रही है।

देश में सरकारी आंकड़ों, राज्य के दस्तावेजों तथा निरोध केंद्र में पूर्व में रखे गए 30 लोगों, उनके परिवार के सदस्यों और निरोध केंद्र के पूर्व प्रबंधक के साक्षात्कारों पर आधारित एक पड़ताल हुई है। इसके मुताबिक पहले बहुत कम महिलाएं जबरन गर्भनिरोध के बारे में बोलती थी लेकिन यह चलन अब ज्यादा बड़े पैमाने पर और सुनियोजित तरीके से शुरू हो चुका है।

शिनझियांग के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र में पिछले चार साल से चलाए जा रहे अभियान को कुछ विशेषज्ञ एक तरह से ‘जनसांख्यिकीय नरसंरहार’ करार दे रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि यह प्रांत अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को नियमित रूप से गर्भावस्था जांच कराने को कहता है, उन्हें आयूडी लगवाने, नसबंदी कराने व गर्भपात कराने के लिए भी मजबूर किया जाता है। देश भर में जहां आईयूडी के इस्तेमाल और नसबंदी में गिरावट आई है वहीं शिनझियांग में ये तेजी से बढ़ रहे हैं।

 निरोध केंद्रों में दी जाती है सजा

आबादी नियंत्रण के उपाय न करने पर लोगों को हिरासत में लिया जाता है। निरोध केंद्र में धमकी के साथ ही जन्म दर पर काबू करने में नाकाम रहने पर सजा भी दी जाती है। एजेंसी ने जांच में पाया कि ज्यादा बच्चे होना निरोध केंद्रों में लोगों को भेजे जाने का बड़ा कारण है जहां तीन या उससे ज्यादा बच्चों के मां-बाप को उनके परिवार से तब तक अलग रखा जाता है जब तक वे बड़ा जुर्माना नहीं भर देते।

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